10 लाख रुपये तक सैलरी है तो यूं बचाएं पूरा इनकम टैक्स, नहीं देना पड़ेगा एक भी पैसा

10 लाख रुपये तक सैलरी है तो यूं बचाएं पूरा इनकम टैक्स, नहीं देना पड़ेगा एक भी पैसा

 

10 लाख रुपये तक सैलरी है तो यूं बचाएं पूरा इनकम टैक्स, नहीं देना पड़ेगा एक भी पैसा


यदि आपकी सैलरी 10.5 लाख रुपये सालाना है तो भी आपको एक रुपया भी टैक्स नहीं देना पड़ेगा.

Income Tax Savings: अगर आपकी सालाना सैलरी 10 लाख रुपये से ज्यादा है तो आपको सरकार को अपनी कमाई का एक बड़ा हिस्सा टैक्स के रूप में देना पड़ता होगा. यदि आपकी सैलरी 10.5 लाख रुपये सालाना है तो भी आपको एक रुपया भी टैक्स नहीं देना पड़ेगा.

नई दिल्ली. Income Tax Savings: अगर आपकी सालाना सैलरी 10 लाख रुपये से ज्यादा है तो आपको सरकार को अपनी कमाई का एक बड़ा हिस्सा टैक्स के रूप में देना पड़ता होगा. अगर आपको लगता है कि आपके पास टैक्स बचाने का कोई रास्ता नहीं है, तो आप गलत हैं. यदि आपकी सैलरी 10.5 लाख रुपये सालाना है तो भी आपको एक रुपया भी टैक्स नहीं देना पड़ेगा. जी हां. ये सही बात है. लेकिन टैक्स बचाने की पूरी कैलकुलेशन आपको जान लेनी चाहिए. आइए यहां आपको टैक्स बचाने के आसान तरीके बताते हैं-

इसके लिए आपको बचत और खर्च को इस तरीके से एडजस्ट करना होगा कि आप इस पर मिलने वाली टैक्स छूट का पूरा-पूरा फायदा उठा सकें. मान लीजिए कि आपका वेतन 10 लाख 50 हजार रुपये प्रति वर्ष है. आपकी आयु 60 वर्ष से कम है, इसका मतलब है कि आप 30% वाले टैक्स स्लैब के अंतर्गत आएंगे.

सिर्फ 7 स्टेप्स में बचाएं पूरा Tax

1. सबसे पहले आपको 50 लाख रुपये स्टैंडर्ड डिडक्शन वाले हटा देने हैं, क्योंकि इस पर टैक्स नहीं है. मतलब 10,50,0000-50,000 = Rs 10,00,000.

2. इसके बाद आप 80C के तहत 1.5 लाख और टैक्स फ्री कर सकते हैं. इसमें आप ईपीएफ (EPF), पीपीएफ (PPF), ईएलएसएस (ELSS), एनएससी (NSC) में निवेश कर सकते हैं. दो बच्चों की ट्यूशन फीस भी शामिल कर सकते हैं. अब 10,000,000- 1,50,000 = Rs.8,50,000. अब आपको 8 लाख 50 हजार पर भी टैक्स बचाना है.

3. अगर आप नेशनल पेंशन सिस्टम या NPS में सालाना 50,000 रुपये तक निवेश करते हैं तो इनकम टैक्स एक्ट की धारा 80CCD (1B) के तहत आपको इनकम टैक्स में छूट मिल सकती है. 50 हजार यहां बचे तो अब आपको 8 लाख रुपये पर टैक्स बचाना है.

4. अगर आपने होम लोन लिया है तो आप इनकम टैक्स की धारा 24बी के तहत 2 लाख के ब्याज पर टैक्स छूट का दावा कर सकते हैं. 8 लाख में से 2 लाख गए तो अब बचे 6 लाख रुपये.

5. आयकर की धारा 80D के तहत पति/पत्नी, बच्चों और स्वयं के लिए निवारक स्वास्थ्य जांच की लागत सहित हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम के लिए 25,000 रुपये तक की कटौती का दावा किया जा सकता है. इसके अलावा अगर आप माता-पिता के लिए हेल्थ इंश्योरेंस खरीदते हैं तो आपको 50,000 रुपये तक की अतिरिक्त छूट मिल सकती है. शर्त यह है कि माता-पिता वरिष्ठ नागरिक हों. मतलब कुल मिलाकर आप यहां 75 हजार रुपये टैक्स फ्री करवा सकते हैं. 6 लाख में से 75 हजार हटाएं तो अब बचे 5 लाख 25 हजार.

6. आयकर की धारा 80G के तहत, आप संगठनों को दान के रूप में दी गई राशि पर कर कटौती का दावा कर सकते हैं. मान लीजिए आपने 25,000 रुपये का दान दिया है, तो आप उस पर टैक्स छूट ले सकते हैं. हालांकि, आपको दान या दान की पुष्टि करने के लिए दस्तावेज जमा करने होंगे. जिस संस्था को आप दान करते हैं, उस संस्था से एक रसीद प्राप्त करनी होती है. यह उस दान का प्रमाण होगा, जिसे टैक्स डिडक्शन के समय जमा करना होगा. 25,000 रुपये और हटाएं तो बचते हैं 5,00,000 रुपये.

7. अब, आपको केवल 5 लाख रुपये की आय पर टैक्स देना होगा और आपकी टैक्स देनदारी 12,500 रुपये (2.5 लाख का 5%) होगी. लेकिन, चूंकि 12,500 रुपये की छूट है, इसलिए आपको 5 लाख रुपये के स्लैब में कोई टैक्स नहीं देना होगा.

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